Wednesday, January 7, 2026

समझ की शुरुआत - अजह्ञान चा

Ajahn Chah (अजान चा) थाईलैंड के एक महान बौद्ध भिक्षु और शिक्षक थे। वे थाई फ़ॉरेस्ट परंपरा के सबसे प्रभावशाली आचार्यों में गिने जाते हैं।

संक्षेप में

जन्म: 1918, थाईलैंड

निर्वाण (देहावसान): 1992

परंपरा: थेरवाद बौद्ध धर्म (Forest Tradition)

उनकी शिक्षा का सार

अनित्यता (सब कुछ बदलता है)

दुःख का कारण आसक्ति है

समाधान: जागरूकता, ध्यान और सीधा अनुभव

Ajahn Chah की खासियत थी—सरल भाषा, रोज़मर्रा के उदाहरण और गहरी स्पष्टता। वे कहते थे:

> “शांति कहीं बाहर नहीं मिलती—वह देखने वाले मन में ही प्रकट होती है।”

उनका प्रभाव

उन्होंने थाईलैंड में कई ध्यान मठ स्थापित किए, जिनमें Wat Nong Pah Pong प्रमुख है।

उनके शिष्यों ने पश्चिम में भी बौद्ध ध्यान को फैलाया।

आज भी उनकी बातें ध्यान, चिंता (anxiety) और बेचैनी से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती हैं।

No comments:

Post a Comment